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भारत में हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है?

भारत में हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है?

bharat mein har sal rashtriy matdata divas kab manaya jata hai

हम जानते हैं कि आप यह बड़ी ही उत्सुकता के साथ जाना चाहते हैं कि भारत में हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है।


इसलिए आज हम आपके लिए यह पोस्ट लेकर आए हैं जिसमें आप भारतीय राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब और क्यों मनाया जाता है।


इसके बारे में संक्षिप्त में जानेंगे इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी को जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़ें। क्योंकि यह सवाल कहीं पर भी आपसे पूछा जा सकता है और यदि आप भारत के नागरिक हैं तो आपको राष्ट्रीय मतदाता दिवस से जुड़े सारी जानकारी का पता होना चाहिए।

    भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस कब मनाया जाता है?

    दोस्तों जनवरी का महीना आते ही हमें गणतंत्र दिवस तो याद रहता है लेकिन क्या आप जानते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं गणतंत्र दिवस से ठीक 1 दिन पहले मतदाता दिवस मनाया जाता है।


    हम में से कई सारे लोगों को यह बात पता नहीं होगी। इसलिए आज हम भारतीय मतदाता दिवस से जुड़ी कुछ ऐसी बातें आपको बताएंगे जो कि आप सबको पता होनी चाहिए।

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अगले दिन यानी कि 26 जनवरी 1950 को देश ने अपना पहला गणतंत्र दिवस मनाया था। क्या आप जानते हैं भारतीय संविधान को बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था।


    मतदाता दिवस भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इस दिन का उद्देश्य युवा भारतीय मतदाताओं को लोकतांत्रिक राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।


    भारत में जितने भी चुनाव होते हैं उन्हें निष्पक्षता से संपूर्ण कराने की जिम्मेदारी भारत निर्वाचन आयोग की होती है। भारत निर्वाचन आयोग का गठन भारत संविधान के लागू होने से ठीक 1 दिन पहले 25 जनवरी 1950 को हुआ था।


    क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत एक गणतांत्रिक देश बनने वाला था और भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से चुनाव करने के लिए निर्वाचन आयोग का गठन करना जरूरी था।


    इसलिए 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग का गठन हुआ। भारत सरकार ने वर्ष 2011 से हर चुनाव में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस 25 जनवरी को ही राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने की शुरुआत की थी।


    वर्ष 2011 से ही 25 जनवरी को भारत में हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। 


    क्या आप जानते हैं पहले मतदाता की पात्रा आयु 21 वर्ष थी। लेकिन 1988 में इसे घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया था। इस बदलाव को इसलिए शामिल किया गया क्योंकि दुनिया भर के कई देशों ने अधिकारीक मतदान आयु के लिए 18 वर्ष की सीमा को अपनाया था।


    61वें विधेयक संशोधन 1998 में भारतीय मतदाता पात्रता आयु कम कर दिया गया।

    भारत में हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस क्यों मनाया जाता है?

    भारत के प्रत्येक नागरिक का मतदान प्रक्रिया में भाग लेना जरूरी है क्योंकि आम आदमी का एक बहुत ही सरकार बदल देता है।


    हम सभी का एक वोट ही पल भर में ही एक अच्छी सरकार प्रतिनिधि भी सुन सकता है और एक बेकार सरकार प्रतिनिधि भी चुन सकता है।


    इसलिए प्रत्येक मतदाता का मतदान प्रक्रिया में भाग लेना बेहद जरूरी है। क्योंकि इससे लोकतंत्र को मजबूती मिलती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने वोट का इस्तेमाल सोच समझकर करना चाहिए और मतदान दिवस पर वोट देने अवश्य जाना चाहिए।


    हम सभी को अपने वोट का इस्तेमाल ऐसे सरकार या प्रतिनिधि को चुनने में करना चाहिए जो कि हमारे देश को विकास और तरक्की की राह पर लेकर जाए। 


    क्या आप जानते हैं भारत की 65% आबादी युवाओं की है इसलिए देश के प्रत्येक चुनाव में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा भागीदारी करनी चाहिए और ऐसी सरकार का चुनाव करना चाहिए। जोकि सांप्रदायिकता और जातिवाद से ऊपर उठकर देश के विकास के बारे में सोचें।


    जिस दिन देश का युवा अपनी वोट की अहमियत जान जाएगा और सोच समझकर मतदान केंद्र में मत देगा। उस दिन देश में जातिवाद, ऊंच-नीच, सांप्रदायिक भेदभाव खत्म हो जाएगा।


    इसलिए हमारी आपसे विनती है कि यदि आप एक भारतीय नागरिक हैं तो हर साल 25 जनवरी को भारतीय मतदाता दिवस जरूर मनाएं। क्योंकि हमारे देश में हर मतदाता का चुनाव और अपने वोट के प्रति जागरूक होना बेहद आवश्यक है।

    निष्कर्ष

    अंतिम शब्दों में हम आपसे कहना चाहते हैं कि वोट करने जरूर जाएं और सोच समझकर ही वोट डालें। जिनकी उम्र 18 वर्ष होने वाली है वह अपनी वोट जरूर बनाएं और मतदान प्रक्रिया में भाग जरूर लें।


    आज का यह पोस्ट bharat mein har sal rashtriy matdata divas kab manaya jata hai इससे संबंधित यदि आपको हमारा यह पोस्ट पढ़कर अच्छा लगा हो तो नीचे कमेंट करके जरूर बताएं।

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